कई बार हम सोचते हैं, ऐज सिर्फ वही है,जो हम अपने जन्म से लेे कर अब तक,की उम्र को ही वास्तविक उम्र समझते हैं,और सही भी है क्योंकि हम सिर्फ उतना ही
जानते हैं, कभी किसी ने अपने शरीर का डॉक्टर मसल्स और बोन का टेस्ट करवाया हो तो पाएंगे,की वास्तविक उम्र,और शरीर के अंगो की उम्र में क्या अंतर होता है,इसे हम ऐसा समझें कि किसी उपकरण की मदत से हम खुद को समझ ने कि कोशिश कर रहे हैं, तो समझ में आने वाली बात ये है कि इस सब का धर्म से क्या संबंध है?
धर्म भी ऐसे ही चलता है,चाहे वो किसी भी समुदाय के लोगो द्वारा पालन किया जा रहा हो,प्रत्येक व्यक्ति अपनी इच्छाओं के साथ धर्म में परिर्वतन होता है,बिल्कुल वैसे ही जैसे शरीर में परिवर्तन हो रहा है,यदि व्यक्ति ज्यादा प्रभाव शाली है तो वो उसका उपयोग कर,बाकी लोगो से आगे होता है,जैसे ओहदे में,या किसी अन्य क्षेत्र में,जो उसका इच्छित होता है, "जब कोई व्यक्ति बिना किसी डॉक्टर के इस बात को समझ ने सफल हो जाता हैं तो उसे हम धर्म की भाषा में वह व्यक्ति किसी विशेष िइस्थीती में होता है" यह है उम्र के बारे में जानकारी
इसमें हम अक्सर जब ये अच्छी तरह से जान जाए कि कब बाल,युवा,वयस्क,और वृद्ध अवस्था होती, हैं तो वह व्यक्ति अपनी शरीर कि वास्तविक उम्र पर ज्यादा विचार नहीं करते👍
मल्लिका जैन
अस्तु
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