ये समझ पाना आसान नहीं की कैसे शुरुआत हुई और अंत कैसे होगा,कुछ इन्सानों को एहसास होता हैं और, ज्यादातर को नहीं,जबकि ऐसे कई प्राणी है,जिन्हें ये अहसास हो जाता है,ऐसे कई पेड़ और जानवर है जो आने वाले समय को समझ लेते हैं,इन्हे देख कर कुछ इन्सान ठीक ठीक उस बात का पता लगा लेते हैं, जो घटने वाली घटना होती है,आज कल तो विज्ञान काफी आगे है,लेकिन बुद्ध के समय में क्या ये सब नहीं था,या फिर किन्ही अन्य सम्मानित लोगो के समय में ये सब नहीं था,ये सब कुछ तब भी वैसा ही था जैसा आज, फर्क सिर्फ इतना है तब कुछ लोग इसे जानते और उपयोग करते थे,बाकी नहीं और आज भी ये सब ऐसा ही है,फर्क सिर्फ इतना है की,आज भी सब इसे समझ नहीं पाते 😂और ये एक तरह से अच्छा भी है,, मल्लिका जैन अस्तु