मै अक्सर एक उदाहरण देती हूं,अपने मित्रों को,की दिन और रात दोनों साथ ही चलते हैं,इस को ही देखते हैं बुद्ध ने केसे बताया है, बुद्ध ने अपने सभी संघ में में ये विशेष बात कही थी कि आप भिक्षा,मांगने के बाद जब आयेंगे तब शेयर करेंगे,ही यह भी की,रात होने से पहले ही भोजन कर लेंगे,इसका साइंटिफिक कारण ये था,की उस समय,रात में जब चले तो जीव जंतु मर सकते थे,साथ ही मानव शरीर इतना चलने के बाद जो भोजन ग्रहण करता वो प्रोपर डाइजेस्ट हो जाएं और बॉडी क्लॉक प्रॉपर चलती रहे वो डिस्टर्ब न हो,क्योंकि जब बॉडी का बायो केलकुलेशन डिस्टर्ब होता है तो,न सिर्फ उस व्यक्ति पर, बल्कि संबंधित लोगो पर भी इसका फर्क पड़ता है, ये बिल्कुल प्रथ्वी सूर्य और चंद्रमा के साथ चलने जैसा उस समय बनाया गया था। मल्लिका जैन अस्तु👍🤗